सर्दी और जुकाम में रामबाण घरेलू उपाय – आयुर्वेदिक काढ़ा
Ayurvedic Kadha for Cough and Cold – सर्दियों के मौसम में और खासकर जब मौसम बदलता है जब हमें और बच्चों को सर्दी जुकाम होने का खतरा रहता है। सर्दी जुकाम खासकर उन लोगों को जल्दी होता है जिनका इमुनिटी सिस्टम वीक होता है। जिसमें बच्चे, और बुजुर्ग खासतौर पर जल्दी बीमार होते हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, गले की खराश और बुखार से बचाने के लिए ये आयुर्वेदिक काढ़ा ( Khansi Jukam Ka Kadha ) बहुत ही असरदार घरेलू नुस्खा है। ये आयुर्वेदिक काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बहुत ही लाभकारी है। ये घरेलू नुस्खा शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है।
काढ़े की आवश्यक सामग्री ( Ingredients )
गुड़ – गुड़ गले की खराश और पाचन में फायदेमंद
अदरक – गले की खराश और खांसी से बचाव में लाभ
हल्दी – सूजन और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए फायदेमंद
लौंग – गले की खराश और खांसी में आराम देने में सहायक
कालीमिर्च – बलगम निकालने में फायदेमंद
तुलसी के पत्ते – इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार ( Immunity Booster Kadha )
दालचीनी – सर्दी जुकाम में जल्दी राहत देने में लाभकारी
इलाइची – सांस की नाली को साफ करती है
पानी – काढ़ा पानी में ही बनाएं ( दूध का इस्तेमाल न करें )
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आयुर्वेद काढ़ा पीने के फायदे
आयुर्वेद के अनुसार ये काढ़ा वात और कफ रोग ठीक करने में मदद करता है। इसमें इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियाँ शरीर में सूजन कम करने का काम करती हैं और संक्रमण से लड़ने में भी सहायक है। और सबसे अच्छी बात ये है कि इन जड़ी-बूटियों को ढूँढने आपको बाजार नहीं जाना पड़ता ये सब आपको आपके किचन में मिल जाती है।
- सर्दी, खासी और जुकाम में आराम देता है
- शरीर को काढ़ा गर्माहट देने का काम करता है
- बार-बार होने वाली सर्दी से बचाव करने में सहायक है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- सूजन और दर्द में आराम देता है
- शरीर में बीमारियों और संक्रमण से बचाता है
आयुर्वेदिक काढ़ा- Cough and Cold Home Remedy in Hindi
- आयुर्वेदिक काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले पानी को उबलने के लिए रख दें, और उसके बाद लौंग, कालीमिर्च और अदरक अच्छे से कूट के तैयार कर लें। जब पानी में उबाल आ जाये तब काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, इलाइची, हल्दी, तुलसी के पत्ते और अदरक को पानी में डाल दें।
- पानी को तब तक उबलने दे जब पानी 1/3 न रह जाए, इसके बाद इसमें गुड़ डालें और तब तक उबालें जब तक पानी आधा गिलास ना हो जाये ।
- जब पानी आधा रह जाए तब आपके लिए आयुर्वेदिक काढ़ा ( Tulsi Adrak Haldi Kadha ) तैयार हो गया है।
काढ़ा पीने का सही तरीका
- सुबह खाली पेट लें और रात को सोने से पहले लेना लाभदायक है
- 1 दिन दो बार ही काढ़ा पियें
- गर्भवती महिला ये काढ़ा ना लें इसकी तासीर गर्म होती है
- बच्चों को कम मात्रा में ही दें
