Why Weight Loss is Important ?
आरामदायक जीवन जीने के लिए लोगों ने ज्यादा पैसा कमाने की लालसा में खुद पर ध्यान देना बंद ही कर दिया । जिस वजह से लोगों ने स्वयं ही बहुत सी बीमारियो को न्यौता दे दिया है। मोटापा को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। पर ये याद रहे की हमारे शरीर मे ज्यादातर बीमारिया मोटापा के कारण ही होती है। तो आइए जानते है कि मोटापा क्या है? इसे कैसे कम किया जाए।
मोटापा जब हमारे शरीर मे जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है तो उसे मोटापा कहा जाता है। मोटापा को नापने के लिए हम जिस फॉर्मूले को उपयोग मे लेते है। उसे हम बी एम आई यानि बॉडी मास इंडेक्स कहते है |
बी.एम.आई = शरीर का वजन / लम्बाई
| Weight / Height Ratio | Type |
| <18.5 | कम भार |
| 18.5-24.9 | सामान्य भार |
| 25-29.9 | अधिक भार |
| 30-34.9 | ओबेसिटी क्लास 1 |
| 35-39.9 | ओबेसिटी क्लास 2 |
| >40 | ओबेसिटी क्लास 3 |
मोटापा को कम करना क्यों जरूरी है? / Weight Loss Benifits
- वैट लॉस करने से मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसी आंखों की समस्यायों को ठीक रखा जा सकता है।
- शरीर का वजन नियंत्रित रखने से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, और येह हार्मोन शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।
- वजन नियंत्रित रखने से सोरायसिस जैसी समस्या से बचा जा सकता है। क्योंकि ये समस्या ज्यादा वजन बढ़ने पर शरीर के लिए जानलेवा हो सकती हैं।
- वजन को नियंत्रित रखने से बेहतर नींद आती है। व्यक्ति मानसिक स्वस्थ रहता है ।
- वजन को नियंत्रित रखने का सबसे बड़ा फायदा दिल को होता है । इससे दिल से जुड़ी परेशानी बहुत कम हो सकती हैं।
- अगर आपके शरीर का वजन नियंत्रण में रहेगा तो आलस कम आता है। इसके कारण शरीर फुर्तीला मे रहता है।
- वज़न को नियंत्रित रखने से कई तरह की परेशानीयों में आराम मिल सकता है, जैसे सांस फूलना, ज्यादा पसीना, खर्राटे, पीठ और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
खाने-पीने चीजों में बदलाव करने से वजन नियंत्रित रखा जा सकता है –
- खाली पेट 1-2 ग्लास गुनगुना पानी पियें जिससे हमारा मेटाबोलिस्म सही से काम करना शुरू कर देता है। गुनगुना पानी शरीर में औषधि का काम करता है। जिसके कारण वजन घटने में मदद मिल सकती हैं।
- आजकल लोग मिठाई खाना बहुत पसंद करते हैं लेकिन उतना फिज़िकल ऐक्टिविटी नहीं करते जिससे शरीर मीठे को पचा नहीं पाता, वजन को नियंत्रित रखने के लिए खाने में शुगर युक्त चीजों का कम से कम सेवन कर दिया जाए तो मोटापे के साथ-साथ बहुत सहरी बीमारियाँ जो मोटापे के कारण होती हैं उनसे बचा जा सकता हैं।
- मोमोज, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, समोसा, कचोरी जैसे फास्ट फूड स्वास्थ्य को बहुत ही नुकसान पहुचाते हैं, इसलिए जितना हो सके उतना कम से कम खाएं जिससे आपका पाचन बेहतर रहेगा और मोटापा नहीं बढ़ेगा। फास्ट फूड खाना बंद करने से पाचन संबंधी बहुत सी बीमारियों से आप अपने आप को बचा सकते हैं।
- दूध पीना ज्यादातर लोग पसंद करते हैं लेकिन इसको सोने से आधा या एक घंटा पहले और फैट फ्री दूध लें, जिससे आपका वजन नहीं बढ़ेगा। दूध शरीर मे कैल्सीयम की पूर्ति कर सकता है।
- ग्रीन टी को अगर आप रेगुलर चाय के स्थान पर पीयें तो ग्रीन टी आपको बहुत ही लाभ प्राप्त होते हैं, खानपान में ये छोटे-छोटे बदलाव स्वास्थ्य को बहुत बेहतर बना सकते हैं।
- ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। फाइबर युक्त भोजन और सब्जी खाने से वजन नियंत्रित रहता है। हरी सब्जियां स्वास्थ्य को बेहतर ऊर्जा देती हैं लेकिन हमें मौसम के अनुसार सब्जियां कहानी चाहिए जिससे स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता हैं। कोल्ड स्टॉरिज की सब्जियां जो किसी भी मौसम में मिल जाती हैं वो आपका पाचन बिगाड़ सकती हैं जिससे मोटापे का भी खतरा बढ़ सकता है।
- खाना अच्छे से चवा-चवा कर और धीरे धीरे खाएं । इस तरह खाने से खाना जल्दी पच जाता है। और कब्ज की समस्या नहीं होती । मेटाबोलिज़्म बेहतर होता जाता है और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचा जा सकता है।
frequently asked questions
वजन कम करना क्यों जरूरी है?
वजन कम करने से दिल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और जोड़ों की समस्याओं का खतरा कम होता है और शरीर स्वस्थ रहता है।
मोटापा किन बीमारियों का कारण बनता है?
मोटापा डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, थकान और सांस की समस्या का कारण बन सकता है।
क्या बिना डाइटिंग के वजन कम किया जा सकता है?
हां, हेल्दी भोजन, सही समय पर खाना और हल्की एक्सरसाइज से वजन संतुलित किया जा सकता है।
BMI क्या होता है?
BMI शरीर के वजन और लंबाई के अनुपात से निकाला जाता है, जिससे यह पता चलता है कि वजन सामान्य है या अधिक।

